Tumm Se Tumm Tak Episode 167 21 December 2025 Written Updates: ‘तुम से तुम तक’ की कहानी अब एक बेहद रोमांचक मोड़ पर आ खड़ी हुई है। जहाँ एक तरफ गायत्री देवी के एक्सीडेंट ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया है, वहीं दूसरी ओर आर्यवर्धन (Aryavardhan) और अनु (Anu) इस मुश्किल घड़ी में न्याय की तलाश में हैं।
मीडिया का घेराव और गोपाल शर्मा पर आरोप
एपिसोड की शुरुआत में हमने देखा कि गोपाल शर्मा का घर मीडिया के निशाने पर है। मीडिया कर्मी और पत्रकार उनके घर के बाहर खड़े होकर उन्हें ‘कातिल’ और ‘गुनहगार’ कह रहे हैं। वे गोपाल शर्मा और उनकी पत्नी पुष्पा पर चिल्ला रहे हैं कि उन्होंने एक बड़े उद्योगपति, आर्यवर्धन की माँ गायत्री देवी का एक्सीडेंट किया और मौके से फरार हो गए। पुष्पा और गोपाल इस स्थिति में बेहद डरे हुए और असहाय नज़र आ रहे हैं।
अनु का साहस और पिता पर अटूट विश्वास
जब अनु घर पहुँचती है, तो मीडिया उसे भी घेर लेती है। अनु, जो आर्यवर्धन के ऑफिस में काम करती है, बड़ी हिम्मत से पत्रकारों का सामना करती है और स्पष्ट रूप से कहती है कि उसके पिता ने कुछ नहीं किया है। हालाँकि, मीडिया के तीखे सवाल उसे परेशान करते हैं, लेकिन वह अपने पिता की बेगुनाही पर अडिग रहती है।
आर्यवर्धन का बड़ा कदम और 48 घंटे का वादा
एपिसोड का सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आता है जब आर्यवर्धन खुद सामने आते हैं। यद्यपि पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज गोपाल शर्मा की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन आर्यवर्धन का दिल यह मानने को तैयार नहीं है कि गोपाल जी ऐसा कुछ कर सकते हैं। उन्होंने 48 घंटों के भीतर असली गुनहगार को सामने लाने और गोपाल जी को बेगुनाह साबित करने का संकल्प लिया है।
आर्यवर्धन ने गैंडे (Genday) नाम के व्यक्ति से मदद माँगी है और उसे उस जगह की सीसीटीवी फुटेज निकालने को कहा है जहाँ पुष्पा जी गाड़ी चलाना सीख रही थीं। उन्हें शक है कि इस हादसे के पीछे कोई और है जो पुष्पा जी को ड्राइविंग सिखा रहा था।
स्टेशन पर सच्चाई का खुलासा?
मीडिया के सामने खड़े होकर आर्यवर्धन ने घोषणा की कि जो जानकारी उनके पास है, वह गलत है। उन्होंने सभी को चुनौती दी कि यदि वे सच जानना चाहते हैं, तो दोपहर 2 बजे स्टेशन आएँ, जहाँ अनु अपने पिता, श्री गोपाल शर्मा की बेगुनाही का सबूत पेश करेगी।
मुख्य बिंदु:
• हर्ष (Hush) की तबीयत: घर में तनाव के बीच हर्ष की तबीयत बिगड़ती है और मानसी उसे दवा देने की कोशिश करती है।
• आर्यवर्धन का विश्वास: आर्यवर्धन का मानना है कि असली गुनहगार जल्द ही सबके सामने होगा और उसे सही सजा मिलेगी。
निष्कर्ष
क्या अनु और आर्यवर्धन मिलकर गोपाल शर्मा को इस ‘हिट एंड रन’ के इल्जाम से बचा पाएंगे? क्या वाकई यह सिर्फ एक हादसा था या कोई गहरी साजिश? यह जानने के लिए अगले एपिसोड का इंतज़ार रहेगा।
एक छोटा सा विचार: न्याय की लड़ाई अक्सर अकेले शुरू होती है, लेकिन जब सच्चाई का साथ देने के लिए आर्यवर्धन जैसे लोग खड़े हो जाएँ, तो झूठ के पैर उखड़ने में वक्त नहीं लगता।







